Wednesday, September 25, 2024

उर्दू

8 years before 25/09 / 87
एक तथ्य बताना चाहता हूं अनुसंधान के उपरांत ही स्वीकार करें 
उर्दू कोई स्वतंत्र भाषा नहीं है 
यह हमारे पूर्वजों पर आक्रमण कर उन्हें लूटने वाले आताताइयों की भाषा थी | करोड़ो भारतीयों को इस्लाम स्वीकार करने के लिए विवश कर देने वालों की भाषा थी | उनकी माताओं बहनों के साथ बलात्कार जैसे जघन्य कुकृत्य करने वाले आक्रांताओं की कोड भाषा थी |
 अपने राजनीतिक हित सुरक्षित करने के लिए , हमारे पूर्वजों की माताओं बहनों को अपृहत कर बलात उनसे बच्चे पैदा कर इस्लामी अनुयायियों की संख्या बढा कर आतंक के बल पर शासक रहे अरबी फारसी आक्रांताओं की भाषा थी | जिसे हमने उनके शासनकाल में विवशतापूर्वक स्वीकार किया था | 
आज भारतीय उपमहाद्वीप में जो मुसलमान है वे सब या तो उन कुकृत्यों से उपजी संतानों के वंशज हैं या फिर आतंक से धर्मांतरित परिवारों के वंशज हैं | दुर्भाग्य यह है कि इनमे से कुछ आज भी आतंक के संवाहक हैं | यह तथाकथित उर्दू तब इस्लाम में नव धर्मांतरित व्यक्तियों के सांस्कृतिक परिवेश को परिवर्तित कर उनकी भारतीयता को समाप्त कर देने का कुचक्र था | ताकि उन्हें दासता दासता न लगे | वे अपने नए परिवेश में ही ढल कर अपने ही भाइयों के विरुद्ध उन बर्बर आक्रांताओं के विजय अभियान में सम्मिलित हो जाएं | 
इस दासता से मुक्त होने के लिए हमारे पूर्वजों ने हजार वर्ष बलिदान दिए और हमें यह स्वतंत्र परिवेश सौंपा | और हम हैं कि उनके बलिदानों को व्यर्थ कर अपनी दासता की परम्परा को ही शक्तिशाली करने मे जुटे हैं | 
आज जब मुस्लिमों में अनेक अपने पूर्वजों को ढूढते हुए अपने भारतीय मूल को समझ कर इस्लाम त्याग कर अपनी मूल धारा में वापसी के लिए मार्ग निकालने को प्रयासरत हैं | अनेको ने तो अपने मूल उपनाम पता कर उनका प्रयोग भी आरंभ करने का साहस किया है | जब वे अपने विद्रूप अतीत से मुक्त होने को आतुर हैं | हमें क्यों उस भयावह अतीत के प्रतीकों को महिमामंडित करना चाहिए | 
उर्दू भी एक हमारी दासता के दयनीय दिनों का ऐसा ही प्रतीक है | 
उर्दू स्वयं तुर्की भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है छावनी , सेना का आवास | एक भ्रम पैदा किया गया कि उर्दू भारतीय भाषा है | हिंदी वाक्य संरचना व्याकरण में इन अरबी फारसी तुर्की शब्दों का घालमेल आक्रांताओं को राज्य करने में उसी प्रकार सहायक थी जैसे हिंग्लिश के माध्यम से भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपना व्यापारिक साम्राज्य बढाया है |
अरबी फारसी शब्द कुछ ऐसे ही हिंदी को प्रदूषित कर उर्दू कहलाए जैसे आज इंग्लिश से प्रदूषित होकर हिन्दी हिंग्लिश हो रही है | 
यह नहीं कह रहा कि भाषाओं से बैर रखें | भाषाएं तो संप्रेषण का माध्यम है| अधिक भाषाएं आना अच्छी बात है |किंतु सत्य को सत्य के रूप में ही स्वीकार करना ठीक है | डालडा को डालडा कह कर लेना अच्छा है पर देशी घी कह कर कोई थमाए तो दुःख होता है | अरबी को अरबी के रूप में सीखें | तुर्की को तुर्की के रूप में | विदेशी को विदेशी के रूप में जानेंगे तो उचित व्यवहार कर सकेंगें | पराए को अपना समझ कर व्यवहार किया तो हानि होना ही है | अतिथि कक्ष के स्थान पर शयन कक्ष व चौके तक जाने दिया तो घर की अस्मिता सुरक्षा व संपत्ति को चोट पंहुचेगी ही | अतिथि देवो भवः हमारा सांस्कृतिक गौरव तत्व है | किंतु हमने चोट खाई | कारण था अतिथि के अर्थ को समझने में भूल करना | अतिथि अपरिचित नहीं होता | वह मात्र बिना सूचना के उपस्थित होता है | हमने अपिरिचित को भी अतिथि का स्थान दे दिया | हमने अपरिचित देवो भवः कर दिया | अतः निवेदन करते है व्यक्ति से परिस्थिति से शब्द से कार्य से उपकरण से परिचित होकर ही उचित व्यवहार का निर्धारण संभव है |
आशा है विचार करेंगें 
कोई अन्य संदेह हो तो प्रकट करेंगें | समाधान का प्रयास करूंगा |

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