अपना अध्यवसाय जोड़ना
उनका है व्यवसाय तोड़ना
तोड़फोड़ में मगन खूब वे
हमको भी क्यों राह छोड़ना ?
उनकी करनी भिन्न कथन से
बे-परवाह उत्थान पतन से
वेदनाओं पर पाक बनाते
छौंक घृणा का खूब लगाते
वे विखेरते फूट के काँटे
हमको तो है सब समेटना
उनका वातावरण कोड़ना
वे नित देते घाव जगत को
हम औषधि आलेपन तत्पर
दिखने में तो समान ही है
हैं विलोम वृत्ति में परस्पर
वे विष का आरोपण करते
हमें हलाहल है निर्मूलना
सारे ही विषदंत फोड़ना
छ्ल छन्दों के उनके शोर
अपनी प्रार्थनाओं से भोर
उनकी अमा निशा से प्रीत
दिनकर है अपना मनमीत
उनको प्रिय है बैर बढ़ाना
हम को भाता प्रेम सींचना
चाहें मन उनके भी मोड़ना
मम
12nov 2023 fb
अपना अध्यवसाय जोड़ना
उनका है व्यवसाय तोड़ना
तोड़फोड़ में मगन खूब वे
हमको भी क्यों राह छोड़ना ?
उनकी करनी भिन्न कथन से
बे-परवाह उत्थान पतन से
वेदनाओं पर पाक बनाते
छौंक घृणा का खूब लगाते
वे विखेरते फूट के काँटे
हमको तो है सब समेटना
उनका वातावरण कोड़ना
वे नित देते घाव जगत को
हम औषधि आलेपन तत्पर
दिखने में तो समान ही है
हैं विलोम वृत्ति में परस्पर
वे विष का आरोपण करते
हमें हलाहल है निर्मूलना
सारे ही विषदंत फोड़ना
छ्ल छन्दों के उनके शोर
अपनी प्रार्थनाओं से भोर
उनकी अमा निशा से प्रीत
दिनकर है अपना मनमीत
उनको प्रिय है बैर बढ़ाना
हम को भाता प्रेम सींचना
चाहें मन उनके भी मोड़ना
मम
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