Thursday, October 17, 2024

ओ बुत उछालने वाले सुन

ओ बुत उछालने वाले सुन !आंखे निकालने वाले सुन !

तकरीर में ज़हर खुरानी की
तस्वीर में गलत बयानी की
शर्म हया सब पानी की
हर जगह बहुत बेमानी की
अब ईमान जगाए जाएंगें सब झूठ गिराए जाएंगे
खुशियां नाचेंगी हुए शगुन ! ओ बुत उछालने वाले सुन!

माना जलवा है पुर शोहरत
पर तीर बुझा तू पुर नफ्रत
ऐ लूट लुटेरों के गायक
गीत गज़ल तेरे पुर हरकत
अब जहर उतारे जाएंगे अमृत चखवाए जाएँगें
बजेगी चैनोअम्‌न की धुन ! ओ बुत उछालने वाले सुन !

अब अंधेरों की शामत है
झूठो के लिए कयामत है 
शौकत है वतन परस्तों का
बस गद्‌दारो को आफत है
जो माटी को ठुकराऐंगें वे तड़ीपार ही जाएंगे
सुन सकता है तो आहट सुन ! ओ बुत उछालने वाले सुन!

तुम कितने हमले कर लोगे
तुम कितने हल्ले बोलोगे
दिन हवा हुए गुंडो के अब
जल्दी ही खुद पर रो लोगे
कातिल जितने भी आएंगे  दोजख के रस्ते जाऐगे
बेशक तू अपने सर को धुन ! ओ बुत उछालने वाले सुन!

5Jan 2020

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