Thursday, October 17, 2024

राम जी का भावपूजन


यह भारत है । 
सदा ज्ञान में रत । 
हर बार नए सोपान बनाने 
और उन पर स्थापित होने को सन्नद्ध । 
यहाँ आदर्श लक्ष्य है । 
किंतु अधिकतम प्रयास के उपरांत 
प्राप्त सुफल पर 
आनंदित होने का उपदेश
 स्वयं योगीराज कृष्ण दे गए है ।
अतः राम जी की इच्छा पर 
राम राम कहिए ।
राम आ रहे है 
अपना घर जैसा भी है 
उनकी इच्छा से है
उसी में स्वागत कीजिए 
जो क्षमता में है 
उसी से स्वागत कीजिए ।
पूजा के समय पंडित जी कहते है 
अमुक अमुक विधि है
यह यह सामग्री चाहिए 
किंतु यदि वह नहीं है 
या अपूर्ण है तो कोई बात नहीं
जितना है जैसा है
राम जी की इच्छा से ही है
भावपूजा से सबसे ऊपर है ।
और अब तो
भारत भाव के शिखर पर स्थापित है 
और श्रेष्ठतम पूजा में 
यही सर्वश्रेष्ठ सामग्री है 
तो करे राम जी का भावपूजन 

जय राम जी की ।

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