Wednesday, June 6, 2018

सह लेंगे

सह लेंगे मंहगाई भी
सो लेंगे बिना रजाई भी
इतना वादा दो खुद को
तो कर दे सरकार चढ़ाई भी

न धेला दे  , न बतलाए
गोला बारूद कहां से आए
बड़ा मुआवजा जीत चाहिए
फोकट में हर चीज चाहिए

जब बैठे गलबहिया करने
अपने सारे कष्ट बताए
महरी सेवक का शोषण करते
लाला किंचित नहीं लजाए

ऐसे ऐसो को ऐशों का
सारा साजो साज चाहिए
नहीं कभी कोईं राह बनाई
लक्ष्य रोज एवरेस्ट चाहिए

मरने को सेना से कह दो
खुद को घर भरपूर चाहिए
चीन्ह चीन्ह कर रेवड़ बाटें
जग को समरस गीत चाहिए

रिश्तेदार मलाई मारें
जाति वाले ओहदे पालें
ऐसे झूठे मक्कारों को
जनता के प्रणाम चाहिए

महामना

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